
राइन्यूज.इन डेस्क | 23 अप्रैल 2026
कोलकाता: लोकतंत्र का बड़ा दिन, सुबह से ही मतदान केंद्रों पर भीड़
पश्चिम बंगाल की राजनीति में आज एक ऐतिहासिक दिन दर्ज हो रहा है। विधानसभा चुनाव 2026 के पहले चरण में 23 अप्रैल को राज्य की 152 सीटों पर मतदान शुरू हो गया है। यह चरण 16 जिलों में फैला हुआ है, जहां लगभग 3.6 करोड़ मतदाता 1,478 उम्मीदवारों के राजनीतिक भविष्य का फैसला कर रहे हैं। सुबह 7 बजे से शुरू हुआ मतदान शाम 6 बजे तक जारी रहेगा और शुरुआती घंटों में ही कई क्षेत्रों में लंबी कतारें देखने को मिलीं।
44 हजार से अधिक बूथ, कई ‘सुपर-सेंसिटिव’ घोषित
चुनाव आयोग के अनुसार इस चरण में करीब 44,000 मतदान केंद्र बनाए गए हैं। इनमें से हजारों बूथों को ‘सुपर-सेंसिटिव’ और ‘क्रिटिकल’ श्रेणी में रखा गया है। उत्तर बंगाल और दक्षिण बंगाल के 8-8 जिलों में यह मतदान हो रहा है, जिनमें कोचबिहार, जलपाईगुड़ी, दार्जिलिंग, मालदा, मुर्शिदाबाद, बीरभूम, पुरुलिया और बर्धमान जैसे महत्वपूर्ण जिले शामिल हैं।
अभूतपूर्व सुरक्षा: 2.4 लाख जवान, हर बूथ पर निगरानी
इस चुनाव को शांतिपूर्ण बनाने के लिए सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। कुल 2,407 कंपनियां केंद्रीय अर्धसैनिक बलों की तैनात की गई हैं, जिनमें लगभग 2.4 लाख जवान शामिल हैं। CRPF, BSF, CISF, ITBP और SSB के साथ राज्य पुलिस और रिजर्व बटालियन भी सक्रिय हैं। संवेदनशील इलाकों में क्विक रिएक्शन टीम (QRT) और फ्लाइंग स्क्वॉड लगातार निगरानी कर रहे हैं।
AI निगरानी और 100% वेबकास्टिंग, हाई-टेक चुनाव
इस बार चुनाव प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित निगरानी का इस्तेमाल किया जा रहा है। सभी महत्वपूर्ण बूथों पर 100% वेबकास्टिंग हो रही है, जिससे किसी भी अनियमितता पर तुरंत कार्रवाई संभव हो सके। चुनाव आयोग के अनुसार यह राज्य के इतिहास में सबसे हाई-टेक चुनावों में से एक है।
उम्मीदवारों का प्रोफाइल: आपराधिक मामले भी चर्चा में
इस चरण में कुल 1,478 उम्मीदवार मैदान में हैं। ADR रिपोर्ट के अनुसार करीब 294 उम्मीदवारों पर गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं, जबकि लगभग 98 उम्मीदवार महिलाओं के खिलाफ अपराध से जुड़े मामलों में आरोपी हैं। महिला उम्मीदवारों की हिस्सेदारी लगभग 11% है, जो राजनीतिक प्रतिनिधित्व पर सवाल भी खड़े करती है।
मुख्य मुकाबला: TMC vs BJP, अन्य दल भी मैदान में
इस चुनाव में तृणमूल कांग्रेस, भारतीय जनता पार्टी, वाम मोर्चा और कांग्रेस के बीच कड़ा मुकाबला देखने को मिल रहा है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की पार्टी चौथी बार सत्ता में वापसी का प्रयास कर रही है, जबकि BJP राज्य में अपनी पकड़ मजबूत करने के लिए पूरी ताकत झोंक रही है।
क्षेत्रीय मुद्दे: रोजगार से लेकर सीमा सुरक्षा तक
उत्तर बंगाल में चाय बागान मजदूरों की स्थिति, सीमा सुरक्षा और विकास प्रमुख मुद्दे हैं, जबकि दक्षिण बंगाल में शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और महिला सशक्तिकरण पर चर्चा केंद्रित है। नंदीग्राम जैसी सीटों पर विशेष नजर बनी हुई है, जहां मुकाबला बेहद दिलचस्प माना जा रहा है।
मतदाताओं में उत्साह, युवा और महिलाएं आगे
3.6 करोड़ मतदाताओं में लगभग 1.84 करोड़ पुरुष और 1.75 करोड़ महिलाएं शामिल हैं। करीब 4.65 लाख थर्ड जेंडर मतदाता भी इस लोकतांत्रिक प्रक्रिया का हिस्सा हैं। बड़ी संख्या में नए युवा मतदाता इस चुनाव को और रोमांचक बना रहे हैं। दिव्यांग मतदाताओं के लिए विशेष सुविधाएं और व्हीलचेयर व्यवस्था भी सुनिश्चित की गई है।
मतगणना 4 मई को, अगले चरण 29 अप्रैल
पहले चरण के बाद दूसरा चरण 29 अप्रैल को होगा। पूरे राज्य की 294 सीटों के लिए मतगणना 4 मई 2026 को की जाएगी। चुनाव आयोग ने सभी दलों और मतदाताओं से शांतिपूर्ण और निष्पक्ष मतदान की अपील की है।
पहले चरण के मुख्य आंकड़े
सीटें: 152
जिले: 16
मतदाता: 3.6 करोड़
उम्मीदवार: 1,478
केंद्रीय बल: 2,407 कंपनियां (2.4 लाख+ जवान)
मतदान केंद्र: ~44,000
समय: सुबह 7 बजे से शाम 6 बजे तक
निष्कर्ष: लोकतंत्र की परीक्षा, जनता का फैसला निर्णायक
पश्चिम बंगाल का यह चुनाव केवल सत्ता परिवर्तन नहीं, बल्कि राज्य की राजनीतिक दिशा तय करने वाला महत्वपूर्ण मोड़ है। भारी सुरक्षा, AI निगरानी और उत्साही मतदाताओं की भागीदारी यह संकेत देती है कि लोकतंत्र की जड़ें मजबूत हैं। अब सबकी नजर 4 मई के नतीजों पर टिकी है।
स्रोत
The Hindu (23 अप्रैल 2026, आज प्रकाशित) और अन्य विश्वसनीय रिपोर्ट्स
लिंक: https://www.thehindu.com/elections/west-bengal-assembly/west-bengal-assembly-elections-152-assembly-seats-to-go-polls-on-april-23-in-first-phase/article70893799.ece
